Thursday, January 23, 2020

क्या NRC-NPR विरोध से जनगणना पर असर पड़ेगा?

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क्या NRC-NPR विरोध से जनगणना पर असर पड़ेगा?

नियमों की बात करें तो राज्यों के सहयोग के बगैर एनपीआर पूरा करना केंद्र सरकार के लिए मुश्किल होगा। एनपीआर नियमों के तहत लोकल, अनुमंडल, जिला रजिस्ट्रार और अपील अधिकारियों की नियुक्ति राज्य सरकार को करनी है। नगर निकाय और ग्रामीण निकाय की भी भागीदारी होती है। केंद्र सरकार चाहे तो स्वतंत्र एजेंसी से जनसंख्या डेटा जमा करवा सकती है, लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए भी राज्य सरकार के अधिकारियों की जरूरत होगी।


• नई दिल्ली: एनआरसी और एनपीआर को लेकर कई राज्यों के विरोध के कारण इस बार जनगणना के काम पर असर पड़ सकता है। हालांकि कानून में प्रावधान है कि कोई भी राज्य जनगणना करने को मना नहीं कर सकता। उन्हें यह कराना ही होगा। इस बार की मुश्किल यह है कि राज्य उसे एनपीआर और एनआरसी से जोड़कर देख रहे हैं। उनका तर्क है कि एनपीआर- एनआरसी की ओर ही यह कदम है। हाल में एनपीआर की बैठक में बंगाल शामिल नहीं हुआ था। बंगाल, पंजाब, केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्य इसका विरोध कर रहे हैं। पंजाब और केरल जैसे राज्य विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पारित कर चुके हैं।



कब से शुरू होनी है जनगणना: इस बार जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होकर 30 सितंबर, 2020 तक चलेगा। वहीं दूसरा चरण फरवरी, 2021 में शुरू होगा। जनगणना के पहले चरण के साथ ही एनपीआर भी होगा। केंद्र सरकार का तर्क है कि अब तक केवल बंगाल और केरल ने ही लिख कर दिया है कि एनपीआर कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। अधिकतर राज्यों ने जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। चूंकि 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 के बीच 6 महीने का समय है और 45 दिन में जनगणना का पहला चरण कराना है। राज्यों को यह तारीख देनी है कि वे कब से कब तक जनगणना कराएंगे। काफी राज्य केंद्र सरकार को अपने यहां जनगणना की समय सीमा भेज चुके हैं, बाकी को अभी जानकारी भेजनी है। वे अपनी सुविधानुसार तय करेंगे की किन 45 दिनों में इस काम को अंजाम देंगे। केंद्र सरकार की ओर से यह भी तर्क दिया जा रहा है कि जनगणना और एनपीआर से जो डेटा इकट्ठा होगा उसके आधार पर वहां लोगों के लिए जन कल्याण की योजना शुरू करने में मदद मिलेगी। इसलिए सभी शामिल हों।



केंद्र की तैयारी शुरू: केंद्र सरकार ने जनणना और एनपीआर के लिए तैयारियों पर काम करना शुरू कर दिया है। जनगणना के पहले चरण में कुल 31 सवालों की लिस्ट तैयार है। उसका नोटिफिकेशन भी हो चुका है, जबकि एनपीआर के लिए अभी सवाल तैयार नहीं हुए हैं। तैयारी चल रही है। एनपीआर नियम के मुताबिक सवालों के नोटिफिकेशन का कोई प्रावधान नहीं है।
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